हिमाचल प्रदेश की झीलें with short tricks

झीलें 

हिमाचल प्रदेश की झीलें with short tricks

(i) बनावटी (कृत्रिम झीलें)

  1. गोविन्द सागर झील- गोविन्द सागर हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है| यह झील बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर बनी है| इस झील की लंबाई 88 किमी.है| इस झील का क्षेत्रफल 169 वर्ग किमी.है| इस झील का क्षेत्रफल 169 वर्ग किमी. है| बनावटी इस पर 226 मीटर ऊँचा भाखड़ा बाँध बनाया गया है जो 1963 में बनकर तैयार हुआ| 
  2. पौंग झील - यह झील काँगड़ा झीले में है| यह झील व्यास नदी पर बनी हुए है| इसकी लम्बाई 42 किमी है | इस झील के पास पौंग बाँध भी है, जो 1960 में बना था| यह झील महाराणा प्रताप सागर के नाम से जानी जाती है| 1983 में इसे अभ्यारण्य घोषित किया गया है| वर्ष 1994 में इसे राष्ट्रीय स्तर की तारभूमि और 2002 में इसे रामसर साइट घोषित कर दिया गया| 
  3. पण्डोह झील- यह झील मंडी जिले में व्यास नदी पर बनी हुई है| इसकी लम्बाई 14 किमी. है और यह राष्ट्रीय राजमार्ग-21 के किनारे है| सतलुज व्यास लिंक द्वारा सुंदरनगर की बल्क घाटी को सिंचाई सुविधा दी जाती है|
  4. चमेरा झील- चम्बा जिले में चम्बा-पठानकोट मार्ग पर रावी नदी पर चमेरा झील का निर्माण किया गया है| इस पर 540 MW की चमेरा जल विघुत परियोजना स्थित है|

(ii) हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक झीलें

(1) चम्बा जिला-

  • मणिमहेश झील- भरमौर उपमण्डल में स्थित मणिमहेश झील 4200 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है| यहाँ रक्षाबंधन को छोटा स्नान तथा राधा अष्टमी को बड़ा स्नान (नौण) होता है| यहाँ गौरी कुण्ड (महिला स्नान) और शिवकुण्ड (पुरुष स्नान) हैं| यहाँ से 7 किमी. दूर धनछो है जहाँ शिव ने भस्मासुर से बचने के लिए शरण ली थी|
  • गडासरू झील- 1 किमी. परिधि, ऊँचाई-3505 मी. (चुराह तहसील में देवी कोठी के पास स्थित है) 
  • खजियार- 0.5 किमी. लम्बी, ऊँचाई 1951 मी.| खजियार को हिमाचल प्रदेश का स्विटजरलैंड भी कहा जाता है| इसे यह नाम पी. ब्लेजर ने 7 जुलाई, 1992 को दिया| यह विश्व का 160 वां स्थान है, जिसे मिनी स्विटजरलैंड का दर्जा दिया गया है| यह स्विटजरलैंड की राजधानी बर्न से 6194 किमी. दूर है| यहाँ खज्जी नाग का मंदिर स्थित है| 
  • लामा झील- ऊँचाई 3962 मी. है| यह सात झीलों का समूह है| (भरमौर उपमंडल में स्थित है|) 
  • महाकाली झील- ऊँचाई 3657 मीटर, देवी काली को समर्पित| (चुराह तहसील के खुण्डी में चांजू पंचायत में स्थित है|) इसके अलावा चम्बा जिले में चंद्रकूप, चामुण्डा, मैहल  नाग डल झील स्थित है|

(2) काँगड़ा जिला-

  • डल झील- ऊँचाई 1775 मीटर, धर्मशाला से 11 किमी. दूर है| यहाँ भागसू नाथ का मंदिर है|
  • करेरी झील- ऊँचाई 3048 मीटर|
  • मछियाल झील- यह झील नगरोटा बांगवा के जौगल खड्ड के पास स्थित है| इस झील के साथ मछिन्द्र महादेव एवं संतोषी माँ का मंदिर स्थित है| यह मछिन्द्र नाथ की तपोस्थली रही है|

(3) मंडी जिला- 

  • कुमारवाह झील- ऊँचाई 3150 मीटर|
  • पराशर झील- 2743 मीटर| इसमें भी चन्द्राकार गोलाकार टापू तैरता दिखाई देता है| यहाँ पर पगोडा शैली का ऋषि पराशर का मंदिर है, जिसे बाणसेन ने बनवाया था| ऋषि पराशर वेद व्यास के पिता थे|
  • रिवालसर झील- इस झील को बौध्द लोग पद्माचन भी कहते हैं| बौध्द भिक्षु पद्मसम्भव के जन्म दिन पर यहाँ छेच्शु मेला लगता है| यह झील हिन्दू, सिख व् बौध्द तीनों धर्म के लोगों का तीर्थ स्थान है| इसे तैरते हुए टापुओं की झीलयह झील हिन्दू, सिख व् बौध्द तीनों धर्म के लोगों का तीर्थ स्थान है| इसे तैरते हुए टापुओं की झील भी कहते हैं| यह लोमष ऋषि की तपोस्थली रही है|
  • कामरुनाग- यह झील 3150 मीटर की ऊँचाई पर चिच्योट तहसील में स्थित है| इस झील के पूर्व में ऊँचाई पर शिकारी देवी का मंदिर स्थित है|
  • कुंतभयोग झील- यह झील 1700 मीटर की ऊँचाई पर रिवालसर से 4 किमी. की दुरी पर प्रमुख नैना देवीधार पर स्थित है| इस झील का संबंध पाण्डवों की माता कुंती से है|
  • कालासर झील- यह झील रिवालसर झील के किनारे बसे शहर के शिखर पर 1755 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है|
  • सुखसार झील; लीलासर झील; डवारू सर झील; खदलासर झील|

(4) कुल्लू जिला-

  • मनतलाई झील- 4116 मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस झील से पार्वती नदी निकलती है|
  • दयोरी झील- (सैंज घाटी में स्थित)
  • हंसा झील- (सैंज घाटी में स्थित)
  • भृगु झील- यह भृगु ऋषि की तपोस्थली थी|
  • श्रृंग त्यूंग झील- यहश्रृंग ऋषि की तपोस्थली थी|
  • दशहर झील- 4200 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह झील मनाली से 25 किमी. दूर स्थित है| यहाँ पर स्नान करने से अकबर की बेटी का अधरंग ठीक हुआ था|
  • नैनसर झील- बाहरी सिराज में भीमद्वार और श्रीखंड महादेव के बीच 4000 मीटर की ऊँचाई पर यह झील स्थित है| यहाँ भीम ने गुफा तैयार की थी| श्रीखंड महादेव की यात्रा के दौरान तीर्थयात्री इसमें स्नान करते हैं| 
  • सरयोलसर झील- 3100 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह झील जालोरी दर्रे के दक्षिण-पूर्व में स्थित है| इस झील की देवी बूढी नागिन है जिसका मंदिर घियागी में है| आभी नाम की नन्ही सी चिडिया इसके जल की सफाई करती है| यह बंजार उपमंडल में स्थित है|
  • डैहनासर झील- 15000 फुट की ऊँचाई पर स्थित इस झील के पास भगवान शिव ने त्रिशूल से डायन का वध किया था|
  • हंसा झील (बंजार उपमण्डल में)
  • सरिताल झील 

(5) लाहौल-स्पीति जिला-

  • चंद्रताल झील- ह्यूनत्सांग ने इसे लोहित्य सरोवर का नाम दिया था| यह झील 4270 मीटर की ऊँचाई पर स्पीति में स्थित है| इस झील से चंद्रा नदी का उद्गम होता है| यह झील रामसर साइट है|
  • सूरजताल झील- 4883 मीटर ऊँचाई पर स्थित इस झील से भाग नदी का उद्गम होता है| यह झील बारालाचा दर्रे के समीप स्थित है|
  • दीपकताल झील- दारचा और बारालाचा में मध्य 3200 मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस झील को सूरजताल झील का छोटा भाई माना जाता है|
  • युनामसा झील- लाहौल में स्थित यह झील 4680 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है|
  • नीलकंठ झील- लाहौल के नैनगाहर घाटी में स्थित इस झील के केवल पुरुषों को दर्शन करने की आज्ञा है| यह झील नीले रंग की है इसलिए इसे नीलकंठ कहा जाता है|
  • धनकर झील- यह झील स्पीति में स्थित है|
  • सिस्सू झील

(6) जिला शिमला-

  • चन्द्रनाहन झील- ऊँचाई 4267 मी. (रोहड़ू, शिमला में स्थित) पब्बर नदी का उद्गम स्थल| यह झील 7 सरोवरों का समूह है|
  • तानु जुब्बल झील (नारकण्डा के समीप) 
  • गढ़ कुफर
  • कराली झील 
  • बरादोनसर झील 

(7) किन्नौर जिला-

  • नाको झील- ऊँचाई 3662 मी. 
  • सोरंग झील

(8) सिरमौर जिला

  • रेणुका झील- यह हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील है, जो 2.5 किमी. लम्बी  है| इसकी आकृति सोई हुई स्त्री जैसी है| रेणुका भगवान परशुराम (विष्णु के छठे अवतार) की माता है| रेणुका को अपने पुत्र परशुराम के हाथों बलिदान होना पड़ा, जिसने अपने पिता जमदगिन किओ आज्ञा का पालन करते हुए ऐसा किया| जमदगिन जामलू देवता के रूप में भी जाने जाते हैं| यह झील रामसर आर्द्रभूमि साइट है|
  • सुकेती झील (मारकण्डा नदी के बाएं किनारे)

हिमाचल प्रदेश की झीलें से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर  

  • पौंग झील के बनने से कौन सा स्थान डूबा...देहरा गोपीपुर
  • गोविन्द सागर झील किसके नाम पर है...गुरु गोबिंद सिंह
  • हिमाचल प्रदेश की कौन सी झील में पदमसंभव और तारा नाम की आत्माएँ टिब्बों के रूप में तैरती हैं...रिवालसर झील
  • सुखसार झील मंडी जिले के किस शहर के निकट स्थित है...रिवालसर
  • काँगड़ा जिले की वह कौन सी झील है जिसकी एक ओर संतोषी माता का मंदिर है और दूसरी ओर मछिन्द्र महादेव का...मछियाल झील
  • हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में मणिमहेश झील कहाँ पर है...भरमौर के समीप
  • जहाँ दक्षिण भारत में कावेरी एक प्रमुख नदी है, वहीँ हिमाचल प्रदेश में यह है एक...झील
  • कामरूनाग झील मंडी जिले में स्थित है? तहसील जहाँ यह स्थित है...चच्योट
  • पदमसंभव का नाम किस झील से जुड़ा है...रिवालसर
  • किस झील के किनारे हिन्दुओं, सिखों, और बौद्धों का तीर्थ स्थान है...रिवालसर 
  • कामरूनाग की ऊंचाई कितनी है...10,000 फुट
  • डोडरा-कवार और सांगला(किन्नौर) के बीच कौन से झील है...बरादोनसर 
  • कुण्डी मरल झील कहाँ पर है...चम्बा 
  • भृगु झील समुद्र तल से लगभग कितने मीटर की ऊंचाई पर है...4240 मीटर
  • हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में किस झील में स्थानीय लोगों द्वारा महिलाओं का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है...नीलकंठ झील|
  • हिमाचल प्रदेश के किस जिले में दीपक ताल झील स्थित है...लाहौल-स्पीति| 
  • सिस्सू झील हिमाचल प्रदेश के किस जिले में है...लाहौल-स्पीति| 
  • लाहौल-स्पीति में स्थित चंद्रताल झील की औसत ऊँचाई कितनी है...4270 मीटर|
  • 42 कि.मी. लम्बी पौंग झील जो व्यास के ऊपर जिला काँगड़ा में बनाई गई है, उसे किस और नाम से जाना जाता है...महाराणा प्रताप सागर|
  • सूरजताल और चंद्रताल झील किस जिले में स्थित है...लाहौल-स्पीति|
  • पराशर झील कहाँ पर स्थित है...मंडी|
  • हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी कृत्रिम झील गोविन्द सागर की लम्बाई क्या है...60 मील
  • रेणुका झील का संबंध किससे है...परशुराम 
  • हिमाचल प्रदेश की कौन-सी झील सात झीलों का समूह है...लामा झील (चम्बा)|
  • रोहनू तहसील की चन्द्रनाहर झील से कौन-सी नदी का उद्गम होता है...पब्बर नदी|
  • घडासरू झील किस जिले में स्थित है...चम्बा|
  • डल झील कहाँ पर स्थित है...धर्मशाला|
  • पौंग झील के बनने से कौन-सा स्थान डूबा...देहरा गोपीपुर|
  • परशुराम ताल कहाँ पर स्थित है...रेणुका|
  • चन्द्रनाहर झील हिमाचल प्रदेश के किस जिले में स्थित है...शिमला|
  • गोविन्द सागर झील किसके नाम पर है..गुरु गोविन्द सिंह|
  • चंद्रताल झील किस दर्रे के निकट स्थित है...बारालाचा दर्रा|
  • हिमाचल प्रदेश की किस झील में पद्मसंभव और तारा की आत्माएँ टिब्बों के रूप में तैरती हैं...रिवालसर झील (मंडी)
  • 'धनखड़' झील किस जिले में स्थित है...लाहौल-स्पीति जिले में|
  • "सुखसार झील" मंडी जिले के किस शहर के निकट स्थित है...रिवाल्सर|
  • "तानू जुब्बल" झील किस कस्बे के निकट स्थित है...नारकंडा|

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